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मृगशिरा नक्षत्र

मुख्य तथ्य

नक्षत्र स्वामी
मंगल
देवता
सोम
गण
देव
नाड़ी
मध्य
योनि
सर्प
राशि
वृषभ, मिथुन
नामाक्षर (पद)
1: वे · 2: वो · 3: का · 4: की
विस्तार
23°20′ वृषभ → 6°40′ मिथुन
मेरी कुंडली बनाएँ

यह पारंपरिक ज्योतिषीय जानकारी है। यह नहीं बताती कि विवाह सफल होगा या नहीं, और किसी रिश्ते को स्वीकार या मना करने का यह अकेला कारण नहीं होना चाहिए।